Wednesday, May 13, 2026
  • Nalanda
  • Varanasi
  • Patna
BUDDHADARSHAN
  • Home
  • About Us
  • Bodh Gaya
  • Sarnath
  • Lumbini
  • Kushinagar
  • Blog
  • Contact Us
No Result
View All Result
  • Home
  • About Us
  • Bodh Gaya
  • Sarnath
  • Lumbini
  • Kushinagar
  • Blog
  • Contact Us
No Result
View All Result
Plugin Install : Cart Icon need WooCommerce plugin to be installed.
No Result
View All Result

मुगलों के दांत खट्टे करने वाली वीरांगना रानी दुगार्वती पर जारी होगा डाक टिकट

admin by admin
July 19, 2018
in Latest News
0
Home Latest News

buddhadarshan News, New Delhi

अपने साहस, शौर्य, सूझ-बूझ से मुगल (mughal) सम्राज्य empire की चूलें हिला देने वाली गोंडवाना Gondwana साम्राज्य Empire की वीरांगना Veerangna रानी दुर्गावती के नाम पर भारत सरकार india govt जल्द ही डाक टिकट Daak Ticket जारी करेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल Anupriya Patel ने इस बाबत केंद्रीय संचार राज्यमंत्री (संचार प्रभार) एवं रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा Manoj Sinha को पत्र लिख कर डाक टिकट जारी करने की अपील की हैं। उन्होंने पत्र में लिखा है कि वीरांगना रानी दुर्गावती के तेज, शौर्य, साहस एवं बलिदान Sacrifice को सदैव अमर एवं यादगार बनाने हेतु उनके नाम पर डाक टिकट जारी करने की कृपा कर अनुग्रहित करें।

यह भी पढ़ें:  पर्यटन का नया केंद्र इब्राहिमपट्‌टी स्थित अवधूतेश्वर महादेव मंदिर

केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल का कहना है कि गोंड आदिवासी समाज सहित पूरा देश वीरांगना रानी दुर्गावती के प्रति असीम श्रद्धा का भाव रखता है। हर वर्ष उनकी जयंती पर उनका स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अपर्ति करता है। गोंड समाज की भावनाएं उनसे जुड़ी हैं।

बांदा के कालिंजर में पैदा हुईं रानी दुर्गावती:

बता दें कि रानी दुर्गावती का जन्म 5 अक्टूबर 1524 ई को बांदा जिले के कालिंजर के राजा कीर्ति सिंह चंदेल के यहां हुआ था। वे अपने पिता की एक मात्र संतान थीं। दुर्गाष्टमी के दिन पैदा होने के कारण उनका नाम दुर्गावती रखा गया। नाम के अनुरुप ही तेज, साहस, शौर्य और सुंदरता के कारण इनकी प्रसिद्धि चारों ओर फैल गई। दुर्गावती की प्रसिद्धि से प्रभावित होकर गोंडवाना साम्राज्य के राजा संग्राम शाह मडावी ने अपने पुत्र दलपत शाह मडावी से विवाह करके उन्हें अपनी पुत्रवधू बनाया।

यह भी पढ़ें:  1857 में अवध में अंग्रेजों को करारी शिकस्त देने वाले ‘अमर शहीद राजा जयलाल सिंह’ पर जारी होगा डाक टिकट

पति की मौत के बाद 3 वर्षीय बेटे को गद्दी पर बिठाया:

दुर्भाग्यवश विवाह के चार वर्ष बाद ही राजा दलपतशाह का निधन हो गया। ऐसे दु:खद समय में अपनी सूझ-बूझ, साहस एवं संयम के दम पर रानी दुर्गावती ने अपने तीन वर्षीय पुत्र वीरनारायण को सिंघासन पर बैठाकर संरक्षक के रूप में स्वयं शासन करना प्रारम्भ किया। रानी ने प्रजा के हित को ध्यान में रखते हुए अनेकों मठ, कुएं, बावड़ी और धर्मशाला आदि का निर्माण कराया। वे वीर और साहसी होने के साथ ही ममता की मूर्ति थीं।

रानी दुर्गावती ने अपने अदम्य साहस और रणनीतिक कौशल के दम पर बहादुर शाह और मुगल शासक अकबर की सेनाओं को कई बार परास्त किया। आसफ खां के नेतृत्व में अकबर ने गोंडवाना पर हमला करा दिया। कम सैनिक होने के बाद भी रानी दुर्गावती जबलपुर के पास नरई नाले के किनारे पुरुष वेश धारण कर मुगलों की सेना का सामना किया, जिसमें रानी ने अपने शौर्य के बल पर 3000 मुगल सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया।

मुगलों की कैद के बजाय शहीद होना बेहतर समझा:

मुगल सेना ने भारी तादाद में सैनिकों के साथ 24 अक्टूबर 1564 को रानी पर हमला किया। कम सैनिक होने के बावजूद रानी ने डटकर मुकाबला किया। बुरी तरह से घायल होने और सुरक्षित बचने का कोई रास्ता न दिखायी देने पर रानी ने अपनी आन-बान-शान और मर्यादा की रक्षा के लिए स्वयं ही अपनी कटार से अपने धड़ को अलग कर आत्म बलिदान के पथ पर बढ़ गईं।

Tags: akbarBuddhadarshanDaak ticketmughal empirerani durgavati
ShareTweet
admin

admin

Next Post
मेट्रो:मजेंटा लाइन का कुछ देर में पीएम करेंगे उद्घाटन, मात्र 30 मिनट में कालकाजी से नोएडा की यात्रा

मेट्रो का ये नया ऐप आपको बताएगा ‘शॉर्टकट रास्ता’

  • Trending
  • Comments
  • Latest
Baba Dham

कैसे पहुंचे बाबा बैद्यनाथ धाम, बस, ट्रेन, टैक्सी अथवा फ्लाइट

January 29, 2025
बरसाना कैसे पहुंचे, बस, ट्रेन, टैक्सी अथवा फ्लाइट

बरसाना कैसे पहुंचे, बस, ट्रेन, टैक्सी अथवा फ्लाइट

February 6, 2025
Deva Sharif, Barabanki,

कैसे पहुंचे देवा शरीफ, बस, टैक्सी, ट्रेन अथवा फ्लाइट

January 29, 2025
बुद्ध के आठ प्रमुख स्थल: लुम्बिनी, बोधगया, सारनाथ, कुशीनगर

कैसे जाएं बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी, बस, ट्रेन, टैक्सी या फ्लाइट

March 29, 2025
Buddha

New book on buddhism-“Dailog with the masses in ancient India”

0

Ropeway service start in Rajgir

0
Bodh Gaya

बोध गया: श्रद्धालुओं के लिए शुरू होगी रिंग बस सेवा

0

PM Modi worships at sacred Mahabodhi Tree in Srilanka

0
Buddha

बुद्धम् शरणम् गच्छामि ही शांति का मार्ग- केशव

April 13, 2026
Kushinagar

विश्व शान्ति हेतु प्रार्थना सभा में शामिल होंगे सैकड़ो बौद्ध भिक्षु

April 12, 2026
Buudha

कुशीनगर से विश्व शांति का संदेश: अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन शुभारंभ

April 1, 2026
दुनिया को युद्ध नहीं बुद्ध के शान्ति की आवश्यकता-ब्रजेश पाठक

दुनिया को युद्ध नहीं बुद्ध के शान्ति की आवश्यकता-ब्रजेश पाठक

April 1, 2026

FIND US ON FACEBOOK

About Us

Lord Buddha gave the light of non-violent to all world. He preached humanity his followers. Buddhism became popular in the Indian sub-continent and also spread to japan, chine and many foreign countries. More

Quick Links

  • About Us
  • Blog
  • Contact Us
  • Terms & Conditions
  • अस्वीकरण

Categories

  • Blog
  • How to Reach
  • Latest News
  • Most Popular Place

Contact Us

Address: R.P. Bangles Cutter 3117/34 1st Floor Beadan Pura, Karol Bagh,
New Delhi-110005
Email: info@buddhadarshan.com

Tags

Agra Allahabad anupriya patel Ayodhya bihar Bodh Gaya buddha Buddhadarshan Buddhism Delhi farmers Ganga gorakhpur Gujrat health india Indian Railway Indian Train Irctc journey Kashi kushinagar lucknow Mathura mirjapur Mirzapur Narendra Modi new delhi nitish kumar patna peace PM Narendra Modi Prayagraj Santosh Gangwar sarnath siddhartha Tathagat tourism tourist train uttar pradesh Varanasi प्रयागराज बुद्ध वाराणसी

Recent News

Buddha

बुद्धम् शरणम् गच्छामि ही शांति का मार्ग- केशव

April 13, 2026
Kushinagar

विश्व शान्ति हेतु प्रार्थना सभा में शामिल होंगे सैकड़ो बौद्ध भिक्षु

April 12, 2026

©copyright @2022 Buddha Darshan

No Result
View All Result
  • Home
  • About Us
  • Bodh Gaya
  • Sarnath
  • Lumbini
  • Kushinagar
  • Blog
  • Contact Us

©copyright @2022 Buddha Darshan